मॉडल कांट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट 2018

सरकार ने संविदा कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए अशोक दलवई समिति का गठन किया जिसकी सिफारिश पर 2018 में सरकार मॉडल कॉन्टैक्ट फॉर्म डेट 2018 लेकर आई जिसमें कृषि उत्पाद के साथ-साथ पशुधन को भी शामिल किया गया ।नीति आयोग के 'स्ट्रेटजी फॉर न्यू इंडिया @175' राज्यों से इस मॉडल के अनुसार संविदा कृषि के लिए कानून बनाने और उसे लागू करने के लिए कहा गया।                                     विशेषताएं।                                                           संविदा कृषि को एपीएमसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा ,संविदा कृषि में शामिल किसानों को एपीएमसी से शुल्क अदा नहीं करना ,पड़ेगा यह विवाद होने पर या करार टूटने पर किसान को पीड़ित पक्ष माना जाएगा। फर्म कृषि क्षेत्र में कोई स्थाई ढांचे का निर्माण नहीं कर सकता। यहां किसानों को फसल बीमा लेना आवश्यक है। यह पंजीकरण के लिए जिला तथा ब्लॉक स्तर पर रिकॉर्डिंग एवं रजिस्ट्री अथॉरिटी की स्थापना की जाएगी। अनुबंध कृषि में विवाद के लिए contract farming authority  की स्थापना की जाएगी। अनुबंध कृषि में अपीली प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी।           अनुबंध कृषि की भारतीय कृषि में सफलता एवं सफलता इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य में संशोधन करने के लिए कितना उत्साहित है 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में अनुबंध कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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