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Showing posts from December, 2021

open market operation

इसके अंतर्गत आरबीआई बाजार मैं तरलता को बढ़ाने का काम करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय विक्रय करता है आरबीआई जिस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्रतिभूतियों का क्रय विक्रय करता है उस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ई कुबेर कहा जाता है। जब आरबीआई सरकार को ऋण देता है तो बदले में उसे सरकारी प्रतिभूति प्राप्त होता है आरबीआई इन प्रतिभूतियों का प्रयोग करके बैंकों के तरलता को नियंत्रित करता है जब आरबीआई इन बैंकों को प्रतिभूति विक्रय करता है तो तरलता बैंकों से आरबीआई की ओर प्रवाहित होता है वही सरकारी प्रतिभूति का प्रवाह आरबीआई से बैंकों को होता है। इससे बैंकों में तरलता कम होते हैं जिससे उनकी साख सृजन क्षमता कम हो जाती है तब मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई बैंकों को सरकारी  प्रतिभूति का विक्रय करता है आरबीआई बैंकों में तरलता को बढ़ाने के लिए अपने विक्रय की के प्रतिभूतियों का पूर्ण करें करता है। इससे तरलता का प्रभाव से बैंकों की ओर होता है तथा  तरलता का प्रभाव बैंकों से आरबीआई की ओर होता है स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आता है सरकार आती है उसे अपने सब्सिडी क...

कालापानी विवाद

1816 की संधि के अनुसार भारत और नेपाल के मध्य सीमा का विभाजन किया गया था इस समझौते में काली नदी के पश्चिम का हिस्सा भारत की सीमा में था और पूर्व का हिस्सा नेपाली सीमा में था तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने नक्शे पर कोई स्पष्ट विभाजन नहीं किया था और अलग-अलग नक्शे पर काली नदी अलग-अलग दर्शाई गई यही कारण नेपाल और भारतीय क्षेत्र में परस्पर विरोधी दावे करते हैं नेपाल का दावा है कि लिंपियूधारा  से उद्गमित होने वाली काली नदी के आधार पर है और इस आधार पर काला पानी और लिपुलेख दर्रा का संपूर्ण क्षेत्र नेपाल के दावे वाले क्षेत्र में शामिल होता है।                                                                भारत का दावा काला पानी से उद्मित काली नदी की धारा से है और इसी आधार पर कालापानी लिपुलेख दर्रा और समस्त भारतीय क्षेत्र हो जाता है अपने पक्ष में भारत ब्रिटिश कालीन राजस्व आंकड़े को प्रस्तुत करता है जो यह सिद्ध करता है कि ब्रिटिश काल में इस क...

आपदा

मानव जनित या प्रकृति घटना जिस से होने वाली क्षति की पूर्ति इतनी ज्यादा हो कि प्रभावित  समुदाय उन क्षति की पूर्ति ना कर सके।

जोखिम

किसी घटना या दुर्घटना /आपदा से उत्पन्न होने वाले संभावित नुकसान।

क्षमता

समाज समुदाय में व्याप्त वह स्थितियां जो आपदा या संकट से लड़ने में सहायक होती हैं।

सुभेद्यता(Vulnerability)

समाज समाज में व्याप्त वैसी स्थिति जो समाज समुदाय को किसी आपदा के प्रति और अधिक कमजोर बना देते हैं या समस्याग्रस्त बना देती है।

फूड सब्सिडी

सरकार द्वारा 2013 में एनएफएसए कार्यक्रम शुरू किया गया जिसमें 2/3 जनसंख्या जिसमें एपीएल और बीपीएल परिवार को  क्रमशः मासिक 25kg अनाज को और 35 kg अनाज चावल गेहूं मोटे अनाज के रूप में प्रति किलो 3,2,1 ₹की दर से दिया जाता है।

डिस्टोर्टेड सब्सिडी

सभी सब्सिडी का उद्देश्य और समय सीमा सीमित होती है उद्देश्य प्राप्त के बाद सब्सिडी को समाप्त कर दिया जाता है तो उसे आगे जारी रखने के लिए उसकी आर्थिक सामाजिक समीक्षा करना आवश्यक होता है किंतु कई बार सब्सिडी के लक्ष्य को प्राप्त होने के बाद राजनीति से प्रेरित होकर उसे आगे के लिए रखा जाता है जिसका  दीर्घकाल में पर्यावरण मानव स्वास्थ्य दोनों पर ही नकारात्मक प्रभाव पड़ता है ऐसे सब्सिडी को विक्रय सब्सिडी कहा जाता है ।जैसे कृषि उद्योग सब्सिडी

क्रॉस सब्सिडी

जहां सरकार विलासिता वस्तु पर ज्यादा शुल्क लगाकर महंगा करती है वहीं दूसरी ओर आवश्यक वस्तुओं को गरीब लोगों के लिए सस्ते दामों पर उपलब्ध कराती जैसे रेल किराया।

अप्रत्यक्ष सब्सिडी

जहां सब्सिडी का लाभ प्रत्यक्ष रूप से ना मिलकर अप्रत्यक्ष रूप से मिलता है तो उसे आप प्रत्यक्ष सब्सिडी कहा जाता है जैसे उत्पादक वर्ग को सब्सिडी देकर उनका लागत कम किया जाता है जिससे वह बाजार में सस्ती वस्तुओं को उपलब्ध कराता है जिससे उपभोक्ता वर्ग को लाभ दे जाता है ।जैसे- उर्वरक सब्सिडी।

प्रत्यक्ष सब्सिडी

जब सब्सिडी का लाभ सीधे लाभार्थी वर्ग को दिया जाता है जैसे पीडीएस में सस्ता अनाज वृद्धावस्था पेंशन एलपीजी गैस में सब्सिडी आदि।

सब्सिडी

सब्सिडी शब्द लैटिन भाषा सब्सिडीएम शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है पीछे से सहायता सब्सिडी का आर्थिक सहायता होती है जो सरकार द्वारा लक्ष्य समूह को दी जाती जैसे गरीब निर्धन sc-st आदि।

बैंकिंग लोकपाल स्कीम 2006

इस स्कीम की शुरुआत 1995 में किया गया था 2002 में इसमें संशोधन किया गया पुणे 2006 में संशोधन किया गया वर्तमान में यह बैंकिंग लोकपाल स्कीम 2006 के अंतर्गत कार्य कर रहा है बैंकिंग लोकपाल यह एक अपीली तंत्र जहां ग्राहकों के खिलाफअर्जी  दे सकता है अगर बैंक में शिकायत की सुनवाई नहीं होती है तो पहले वह बैंकिंग अपीलीय तंत्र में शिकायत करेगा या 30 दिन में उसके शिकायत का निपटान नहीं होता है तो वह बैंकिंग लोकपाल में शिकायत कर सकता है जहां उसे 1000000 तक की अधिकतम क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यह बैंकों को केवल जुर्माना लगाता है दंड नहीं देता ।पीड़ित कुछ की पूर्ति दिलाता है इसमें  क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को इसमें शामिल नहीं किया जाता है। इसमें n.r.i. खाताधारक भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं ।2018 में इसकी में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया इसकी सीमा को लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया ।पीड़ित तृतीय पक्ष के लिए भी बैंक के खिलाफ शिकायत कर सकता है ।इसके लिए शिकायतकर्ता को कोई शुल्क नहीं अदा करना पड़ेगा। आप पीड़ित ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है ।2019 में इसमें एक और संशोधन हुआ जिसमें बैंकिंग लोकपाल...

मॉडल कांट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट 2018

सरकार ने संविदा कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए अशोक दलवई समिति का गठन किया जिसकी सिफारिश पर 2018 में सरकार मॉडल कॉन्टैक्ट फॉर्म डेट 2018 लेकर आई जिसमें कृषि उत्पाद के साथ-साथ पशुधन को भी शामिल किया गया ।नीति आयोग के 'स्ट्रेटजी फॉर न्यू इंडिया @175' राज्यों से इस मॉडल के अनुसार संविदा कृषि के लिए कानून बनाने और उसे लागू करने के लिए कहा गया।                                     विशेषताएं।                                                           संविदा कृषि को एपीएमसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा ,संविदा कृषि में शामिल किसानों को एपीएमसी से शुल्क अदा नहीं करना ,पड़ेगा यह विवाद होने पर या करार टूटने पर किसान को पीड़ित पक्ष माना जाएगा। फर्म कृषि क्षेत्र में कोई स्थाई ढांचे का निर्माण नहीं कर सकता। यहां किसानों को फसल बीमा लेना आवश्यक है। यह पंजीकरण के ...

संविदा कृषि

यह किसान समूह और फर्मों  के बीच फसल पूर्व समझौते के आधार पर कृषि उत्पादन को कहा जाता है यहां किसान आपस में मिलकर कृषि उत्पादक संघ बनाते हैं ।अनुबंध कृषि में समझौता कृषि उत्पादक संगठन तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों या निर्यातक इकाइयों के बीच में होता है अनुबंध कृषि समवर्ती सूची का विषय माना जाता है जिसमें केंद्र एवं राज्य दोनों ही कानून बना सकते हैं।

राष्ट्रीय कृषि बाजार

भारत सरकार द्वारा कृषि विपणन में सुधार के लिए पूरे देश को एक राष्ट्रीयकृत बाजार के रूप में परिवर्तित करने के लिए 2016 में कृषि मंत्रालय द्वारा E-Nam  की शुरुआत की गई जिसका उद्देश्य देश के सभी एपीएमसी मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक्स माध्यम से जोड़ना है 2015 में सरकार ने 200 करोड़ के फंड से एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की स्थापना की जिसका उद्देश्य एक आनलाइन प्लेटफार्म का निर्माण करना था सरकार ने यह लक्ष्य रखा कि 2018 तक देश के 585 एपीएमसी मंडियों कोई E-Nam से जोड़ा जाएगा  । E-Nam में एपीएमसी मंडी को जोड़ने के लिए राज्य को तीन मुख्य संशोधन करने होते हैं । बहुशुल्क प्रणाली के स्थान पर के स्थान पर एकल शुल्क प्रणाली को लागू करना। एकल लाइसेंस  प्रणाली की व्यवस्था  करना ।व्यापारियों को  E-traning अनुमति देना। यह संशोधन करके कोई भी एपीएमसी को इनाम से जोड़ा जा सकता है। किसान अगर एपीएमसी में बिक्री के लिए जाता है तो उसके पास अब तो विकल्प होंगे। १- एपीएमसी में अपने उत्पाद का विक्रय करें ।२-e Namके द्वारा अपने उत्पाद का विक्रय करें। eNam के द्वारा किसान किसी एक एपीएमसी मंडी से द...

किओस्क बैंकिंग( kiosk)

सुदूर गांव में जहां बैंकों को स्थापित करना कठिन हो वहां किओस्क का प्रयोग किया जाता है यह एक ऑनलाइन काउंटर के रूप में होता है जहां मशीनों के माध्यम से बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है यह पैसा जमा करने और निकासी दोनों को कार्य कर सकती है।

सामाजिक बैंकिंग

जब बैंक के केवल लाभ के उद्देश्य से कार्य न करें बल्कि कुछ सामाजिक कार्य में निवेश करें जैसे- कम ब्याज पर गरीबों को ऋण आदि, सोशल बैंकिंग कहा जाता है।

यूनिट बैंकिंग

जब कोई बैंक शाखा और और मुख्यालय दोनों का कार्य करता है तो उसे यूनिट बैंकिंग कहा जाता है।

प्रति छाया बैंकिंग( shadow banking)

गैर वित्तीय संस्थानों द्वारा जैसे एनबीएफसी वित्त तथा अन्य गतिविधियों को संपन्न करना प्रति छाया बैंकिंग कहलाता है अर्थात एनबीएफसी बैंकों की तरह कार्य करते हैं लेकिन पूर्णतया बैंक नहीं माने जाते उन्हें शैडो बैंकिंग कहा जाता है।

भुगतान बैंक

नचिकेत मोर समिति की सिफारिश पर 2014 में आरबीआई ने भुगतान बैंक की स्थापना को मंजूरी दिया इसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना तथा प्रवासी मजदूरों को धन  प्रेषण मे सहायता करना है। इसके लिए न्यूनतम 100 करोड़ की पूंजी आवश्यक है इसमें 40% हिस्सा प्रायोजक का होगा जो अगले 5 वर्षों तक इस हिस्से को बनाए रखेंगे यह बैंक केवल जमा स्वीकार करता है लेकिन उधार नहीं देता यह केवल डेबिट कार्ड जारी करता है क्रेडिट कार्ड नहीं यह कुल जमा का 75% सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है शेष 25% अपने पास यह मांग जमा के रूप में रखता है।

भूमि विकास बैंक

इसका एकमात्र ऐसा बैंक है जो कृषि क्षेत्र में किसानों को  दीर्घकालिक( 25 से 30 वर्ष) ऋण उपलब्ध कराता है ज्यादातर यह भूमि सुधार और कृषि क्षेत्र में स्थाई संरचना के लिए दिए जाते हैं। भारत में  इसकी स्थापना 1929 में मद्रास में किया गया था यह सीधे किसानों को ऋण देता है।

निजी संग्रहण बाजार मूल्य योजना

इसके अंतर्गत सरकार यह प्रयास कर रही है कि निजी कंपनियों को अधिग्रहण एवं संग्रहण का कार्य सौंपा क्योंकि निजी कंपनियां तकनीकी दक्षता हैं जिससे अधिग्रहण एवं संग्रहण का कार्य कुशलता पूर्वक होगा।

बाजार अंतर मूल्य स्कीम( DPS)

इसके अंतर्गत किसानों को अपनी अनाज का विक्रय बाजार में करने को कहा गया तथा बाजार में किसानों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति सरकार सीधे उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से करेगी इस प्रणाली को डीपीएस ( deficiency price system) प्रणाली  कहा गया मध्य प्रदेश में लागू भावांतर योजना इसी प्रणाली पर आधारित है।

बाजार आश्वासन योजना (market assurance scheme)

इसके  अंतर्गत केंद्र सरकार से यह कहा गया है कि किसानों से अनाज का अधिग्रहण से लेकर परिवहन भंडारण तथा उसके वितरण का सारा कार्य राज्य सरकार को सौंप दिया जाए राज्य सरकार एमएसपी पर अनाजों का किसानों से अधिग्रहण करें तथा उसमें जो नुकसान होगी उसकी क्षतिपूर्ति केन्द्र द्वारा राज्य को किया जाएगा यह कार्य सहयोगात्मक संघवाद के रूप में किया जाए।

MSP and FRP

एमएसपी वह मूल्य होता है जिस पर सरकार एफसीआई के माध्यम से किसानों से अनाज का अधिकरण करती है।                                                                        अधिग्रहण मूल्य हमेशा एमएसपी से ज्यादा होता है। अधिग्रहण मूल्य (FRP)की घोषणा सरकार द्वारा उत्पादन के बाद की जाती है।

करतारपुर कॉरिडोर

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करतारपुर सिखों के पवित्र स्थल के रूप में देखा जाता है करतारपुर में गुरुद्वारा नानक साहिब  द्वारा अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए गए थे। भारतीय गुरदासपुर के से करतारपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब की दूरी मात्र 6 किलोमीटर है 2019 से पूर्व गुरुद्वारा साहिब जाने के लिए पाकिस्तान से वीजा प्राप्त करके ही लाहौर होते हुए पहुंचा जा सकता था, 2019 में करतारपुर गुरुद्वारा साहब आरंभ कर दिया गया और अब बिना वीजा के पूर्व अनुमति प्राप्त करके भारतीय पहचान पत्र के साथ ( पासपोर्ट  के साथ )करतारपुर दर्शन हेतु जा सकते हैं।                                             सकारात्मक पक्ष -भारत और पाकिस्तान के मध्य लंबे समय से वार्ता बाधित है ऐसे समय में करते वक्त संपर्क बढ़ाकर वार्ता के लिए आधार का कार्य कर सकते हैं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के संबंध में भी यह प्रयास सहायक हो सकता है ।                          ...

क्राउडिंग आउट

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जब सरकारी प्रतिभूतियां सरकारी बांड बाजार में जारी होता है, इसलिए सुरक्षित निवेश होने के कारण जनता उसमें ज्यादा निवेश करती है जिससे बाजार में तरलता कम हो जाती है,इसीलिए जब निजी कंपनियां अपनी बांध या डिबेंचर जारी करते हैं तो उनको खरीदने के लिए बाजार में तरलता की कमी हो जाती है तो इसे क्राउडिंग आउट कहा जाता है। इसलिए जिन निजी कंपनियों को बाजार से पूंजी जुटाने के लिए अपने व्याज में वृद्धि करते हैं जिससे उनका उत्पादन लागत बढ़ जाता है जिससे वस्तु महंगा हो जाती है।

प्रतिभूति (securities)

प्रतिभूति वाह गारंटी प्रपत्र होता है,जिसके आधार पर ऋण लिया जाता है प्रतिभूति दो प्रकार के जारी किए जाते हैं। सरकारी प्रतिभूति ( सरकार लेने के लिए जारी करती है) निजी प्रतिभूति ( निजी कंपनियां बाजार से ऋण लेने के लिए जारी करते हैं।)

skew inflation

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यह वह अवस्था है जहां मुद्रास्फीति और मुद्रा संकुचन दोनों ही पाया जाए अर्थात कुछ वस्तुओं के मूल्य में ज्यादा वृद्धि हो वहीं दूसरी ओर वस्तुओं में लगातार कमी देखी जाती है। भारत में खाद्य वस्तुओं के मूल्य में जहां लगातार वृद्धि होती है वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के मूल्य में लगातार कमी देखी गई है।

अवस्फिति(Deflation)

जब बाजार में तरलता की कमी होती है जिसके फलस्वरूप लोगों की क्रय क्षमता में गिरावट आती है जिससे मांग में कमी आती है मांग में कमी के फल स्वरुप वस्तु की आपूर्ति बढ़ जाती है जिससे वस्तु की मूल में सतत गिरावट आती है। इससे उत्पादक वर्ग हतोत्साहित होता है क्योंकि उसे लाभ प्राप्त होना बंद हो जाता है आता वह उत्पादन कम कर देता है उत्पादन में कमी बेरोजगारी को बढ़ाता है बेरोजगारी अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर ले जाता है। इस प्रकार मुद्रास्फीति की विपरीत अवस्था होती है जहां इन्फ्लेशन दर जीरो या से नीचे नकारात्मक हो जाती है इस स्थिति को  अवस्फिति कहा जाता है।

मौद्रिक नीति समिति के कार्य

देश में मौद्रिक नीति का निर्माण आरबीआई करता है। लेकिन उसकी समीक्षा मौद्रिक नीति समिति द्वारा किया जाता है,पहले यह समीक्षा साल में तिमाही आधार पर किया जाता था। 2016 में उर्जित आर पटेल समिति के सुझाव पर अब वर्तमान में मौद्रिक नीति की समीक्षा साल में 6 बार किया जाता है।

मुद्रास्फीति पर नियंत्रण

मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पहले आरबीआई और सरकार दोनों ही मुद्रास्फीति पर नियंत्रण स्थापित करते थे,अगस्त 2016 में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 45ZA में संशोधन करके मौद्रिक नीति समिति का गठन किया गया। इस समिति का अध्यक्ष आरबीआई गवर्नर होता है, इस समिति में कुल 6 सदस्य होते हैं तीन सदस्य आरबीआई के होते हैं 3 सदस्य भारत सरकार के होते हैं।

आधार प्रभाव

आधार प्रभाव यह वास्तविक मुद्रास्फीति को प्रदर्शित नहीं करता है यह पिछले इन्फ्लेशन का वर्तमान वर्ष के इन्फ्लेशन पर पड़ने वाले प्रभाव को बतलाता है।

उत्पादक मूल्य सूचकांक

उत्पादन मूल्य सूचकांक भारत सरकार द्वारा जल्द ही होल प्राइस इंडेक्स बदलकर पीपीआई करना चाहती है। whole प्राइस इंडेक्स में  केवल वस्तुओं को शामिल किया जाता है, जबकि पीपीआई में उत्पादक वर्ग के दृष्टिकोण से वस्तुओं और सेवाओं दोनों को शामिल किया जाता है, इसके अंतर्गत उत्पादक वर्ग द्वारा विक्रय किया गया वस्तुओं और सेवाओं के संबंध में विभिन्न समय अंतराल में होने वाले मूल्यों के उतार-चढ़ाव को मापा जाता है। इससे संबंधित सबसे पहले अभिजीत सेन समिति का गठन हुआ बाद में 2016 में गोलदार समिति बनाई गई।

मुद्रास्फीति

मुद्रास्फीति की गणना के लिए दो सूचकांकों का प्रयोग करते हैं ।1-होलसेल प्राइस इंडेक्स कंज्यूमर ,2-प्राइस इंडेक्स मुद्रास्फीति की गणना एनएसओ करता है। इसका आधार वर्ष 2011-12 है ।इसके आंकड़े आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है, इसके आंकड़े कभी-कभी डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन फॉर इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा जारी किए जाते हैं। होलसेल प्राइस इंडेक्स इसमें केवल वस्तुओं को शामिल किया जाता है सेवाओं को नहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स में 3 घटकों में बांटा जाता है। प्राथमिक ,इंधन ,विनिर्मित वस्तुओं। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इसकी गणना एनएसओ मासिक आधार पर करता है इसका आधार वर्ष 2012 है इसमें वस्तुओं और सेवाओं दोनों को शामिल किया जाता है इस में प्राथमिक वस्तुओं का भारांश whole price index की तुलना में ज्यादा होता है।

मुद्रास्फीति

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मुद्रास्फीति का अर्थ है जब वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य में क्रमिक रूप से दीर्घकालीन वृद्धि हो तथा जिसके फलस्वरूप मुद्रा का मूल्य कम होने लगे तो उस स्थिति को मुद्रास्फीति कहा जाता है।

नगरीयता

नगरीयता का तात्पर्य किसी भौगोलिक क्षेत्र में होने वाले सामाजिक बदलाव से है और यह नगर के जीवन शैली को स्वीकार करने की प्रणाली है।

नगरीकरण

जब किसी नगर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां लगातार सशक्त हो रही होती हैं और प्राथमिक कार्यों से पृथक  होकर द्वितीयक या तृतीय गतिविधियां समाज की प्राथमिकता बन जाती हैं तो इसे ही नगरीकरण कहते हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन

स्मार्ट सिटी मिशन या भविष्य के लिए तैयार योजना है जिसका प्रमुख कारण नगर जनसंख्या में होने वाली अप्रत्याशित वृद्धि भारत सरकार एवं वर्ल्ड पॉपुलेशन  वॉच; सभी संस्थान भारत में नगरीय जनसंख्या नगरी जनसंख्या को अप्रत्याशित वृद्धि कर रहे हैं स्मार्ट सिटी योजना का मुख्य उद्देश्य नगर में बढ़ने वाली जनसंख्या तथा प्राप्त सुविधाओं के मध्य एक संतुलन की स्थिति को स्थापित करना है इस संतुलन को स्थायित्व देने का प्रयास किया जाता है भारत के प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में व्यापक व्यापक विविधताएं मौजूद है और यह विविधताएंआवश्यकता के स्वरूप में बदलाव ला देते हैं जिससे प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकता है और आपूर्ति बदल जाती है यही कारण है कि इसकी किसी परिभाषा का विकास नहीं किया जा सकता स्मार्ट सिटी मूल रूप से अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए चार स्थानों पर निर्भर करती है  1- संस्थागत  संरचना २- भौतिक अवसंरचना  3-सामाजिक संरचना 4-आर्थिक अवसंरचना

राज्य के नीति निदेशक तत्व मूल अधिकार में अंतर

राज्य के नीति निदेशक तत्व तथा मूल अधिकार में अंतर राज्य के नीति निदेशक तत्व संविधान द्वारा प्रदत निर्देश हैं जो कि सरकार द्वारा आशा की जाती है कि उन्हें पूरा करें जबकि फंडामेंटल राइट्स व्यक्तियों के अधिकार होते हैं जिन का उल्लंघन होने पर कोई व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जा सकता है नीति निदेशक तत्व सकारात्मक भाव से होते हैं जबकि मूल अधिकार नकारात्मक और और सकारात्मक हो सकते हैं।