भुगतान बैंक

नचिकेत मोर समिति की सिफारिश पर 2014 में आरबीआई ने भुगतान बैंक की स्थापना को मंजूरी दिया इसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना तथा प्रवासी मजदूरों को धन  प्रेषण मे सहायता करना है। इसके लिए न्यूनतम 100 करोड़ की पूंजी आवश्यक है इसमें 40% हिस्सा प्रायोजक का होगा जो अगले 5 वर्षों तक इस हिस्से को बनाए रखेंगे यह बैंक केवल जमा स्वीकार करता है लेकिन उधार नहीं देता यह केवल डेबिट कार्ड जारी करता है क्रेडिट कार्ड नहीं यह कुल जमा का 75% सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है शेष 25% अपने पास यह मांग जमा के रूप में रखता है।

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